फांसी की सजा के बाद कुलदीप साहू रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट हाई सिक्योरिटी और सशस्त्र बल के बीच रवानगी, दो अन्य आरोपी पहले ही भेजे गए

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले के चर्चित दोहरा मर्डर के मामले में फांसी की सजा पाए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को शनिवार की सुबह सेंट्रल जेल अंबिकापुर से सेंट्रल जेल रायपुर शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रबंधन ने जेल मैनुअल के नियमों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है।

जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने बताया कि फांसी की सजा पाए कुलदीप साहू को नियम के तहत आगामी प्रक्रिया और सजा के क्रियान्वयन के लिए रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया है। दोहरे हत्याकांड के मामले में कुल तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इनमें से एक आरोपी सूरजपुर जेल में निरुद्ध था और दूसरा बैकुंठपुर जेल में था। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को ही रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था। कुलदीप साहू अंबिकापुर सेंट्र्रल जेल में था, जिसे आज सुबह शिफ्ट किया गया।

पूरी तरह गोपनीय रखी गई कार्रवाई

जेल अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गोपनीय रखी गई थी। पुलिस अधीक्षक से समन्वय कर हाई सिक्योरिटी व्यवस्था की गई थी। एक फॉलोअप वाहन के साथ 7 से 8 सशस्त्र जवानों की टीम के साथ कुलदीप साहू को रायपुर के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए विशेष एहतियात बरता गया।

अलग बैरक में रखकर विशेष निगरानी

जेल अधीक्षक के अनुसार फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से ही कुलदीप साहू को अन्य कैदियों से अलग बैरक में रखा गया था। उसकी 24 घंटे विशेष मॉनिटरिंग और निगरानी की जा रही थी, ताकि वह अवसाद में आकर स्वयं को कोई नुकसान न पहुंचा सके। काउंसलिंग भी दी जा रही थी। रायपुर सेंट्रल जेल में भी इसी तरह की विशेष निगरानी में उसे रखा जाएगा।बाक्सव्यवहार सामान्य, अपील प्रक्रिया से वाकिफकैदी के व्यवहार के बारे में जेल अधीक्षक ने कहा कि उसका व्यवहार मीडियम था। ज्यादा सकारात्मक या नकारात्मक नहीं था। वह कानून की प्रक्रिया को जानता है और अपील को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा था। उसने जेल प्रशासन से अपील से संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी भी ली थी। अधीक्षक ने कहा कि अब मामला उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अपील से जुड़ा है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। जेल प्रशासन ने अपनी तरफ से जेल मैन्युअल के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी कर उसे सेंट्रल जेल रायपुर भेज दिया है।

कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई यह सजा

न्यायालय ने समग्र तथ्यों, वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कुलदीप साहू को धारा 103(1), 3(5) बीएनएस में मृत्युदंड और 25 हजार जुर्माना, धारा 70(1) में मृत्यु पर्यन्त कारावास व 20 हजार जुर्माना, धारा 331(8) में आजीवन कारावास, 20 हजार जुर्माना, धारा 238(ए) में 3 साल कठोर कारावास, 5 हजार जुर्माना, धारा 61(2) में आजीवन कारावास 20 हजार जुर्माना और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम धारा 14 में 3 साल की सजा सुनाई है। फूल सिंह और चंद्रकांत को भी इसी तरह धारा 103(1), 3(5) में फांसी, 70(1) में मृत्यु पर्यन्त कारावास सहित अन्य धाराओं में आजीवन कारावास की सजा दी गई। आर्यन उर्फ गोल्डी को धारा 103(1), 3(5) में आजीवन कारावास 20 हजार जुर्माना, 331(8) व 49 में आजीवन कारावास, 238(ए) में 3 साल और 61(2) में आजीवन कारावास की सजा मिली।

Share with