नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब केवल वेतन संशोधन पर नही, बल्कि संभावित एरियर पर भी टिकी हुई है। आयोग के गठन के बाद करीब 10 महीने का समय बीत चुका है और रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्धारित 18 महीने की अवधि में अब सीमित समय बचा है।रिपोर्ट तैयार होने और उसके बाद सिफारिशों के लागू होने में यदि अतिरिक्त समय लगता है, तो पिछली तारीख से वेतन संशोधन लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि एरियर की वास्तविक रकम सरकार के अंतिम फैसले, प्रभावी तारीख और फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी।
24 महीने की देरी पर कितना एरियर?
विशेषज्ञों के कुछ अनुमानों में कहा जा रहा है कि यदि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में करीब दो साल की देरी होती है, तो लेवल 6 से लेवल 8 तक के कर्मचारियों को काफी राशि एरियर के रूप में मिल सकती है।इसी तरह लेवल 8 के कर्मचारी के लिए 24 महीने की देरी और 2.57 के अनुमानित फिटमेंट फैक्टर को आधार मानकर करीब 17.94 लाख रुपये तक के एरियर का अनुमान सामने आया है। यह केवल गणना आधारित अनुमान है। सरकार या वेतन आयोग ने इस रकम को आधिकारिक तौर पर तय नही किया है।
अगले महीने बेंगलुरु में प्रस्तावित बैठक
आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और आयोग विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में बैठकें होनी है। इन बैठकों में कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार आयोग की रिपोर्ट मार्च से अगस्त 2027 के बीच आ सकती है। हालांकि रिपोर्ट पेश होने की तारीख आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।
मई 2027 तक है आयोग की समयसीमा
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में अधिसूचना के जरिए किया गया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से निर्धारित अवधि मई 2027 के आसपास पूरी होगी।फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का वेतन तथा पेंशन सातवें वेतन आयोग की व्यवस्था के आधार पर तय हो रही है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर और अन्य लाभों में क्या बदलाव होगा, इसका अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
एरियर की गणना किन बातों पर निर्भर करेगी?
संभावित एरियर की रकम केवल देरी की अवधि से तय नही होगी। इसमें संशोधित वेतन की प्रभावी तारीख, फिटमेंट फैक्टर, कर्मचारी का पे लेवल, मूल वेतन और सरकार द्वारा तय अन्य शर्तों की भूमिका होगी। इसलिए अभी सामने आ रहे लाखों रुपये के आंकड़ों को अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

