प्लेस ऑफ सेफ्टी से 6 बालक फरार, अधीक्षक निलंबित

दो हुए थे घायल, एक खुद लौटा, दूसरे को पुलिस ने कब्जे में लिया

अंबिकापुर। शहर के कन्या परिसर मार्ग स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से सोमवार रात छह अपचारी बालकों के फरार होने का मामला सामने आया है। खाना खाने के दौरान बालकों ने रसोई में गर्म खाना फेंककर हंगामा किया और ड्यूटी पर तैनात गार्ड को कमरे में बंद कर फरार हो गए। घटना के दौरान दो बालक घायल हो गए। मामले में संस्था के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। भागने के दौरान दो बालक जख्मी होने के कारण वापस लौट गए। जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 8.30 से 9 बजे के बीच अपचारी बालकों को खाना खाने के लिए बैरक से बाहर निकाला गया था। इसी दौरान छह बालकों ने रसोई में गर्म खाना फेंककर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात गार्ड को कमरे में बंद कर सभी फरार हो गए। भागने के दौरान दो बालक घायल हो गए। इनमें से एक के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद वह लंगड़ाते हुए खुद ही वापस लौट आया। वहीं, दूसरे बालक के सिर में चोट लगने के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका। पुलिस ने उसे पकडक़र प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रबंधन के हवाले कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित फरार बालकों के संभावित ठिकानों पर खोजबीन की गई, लेकिन चार बालकों का पता नहीं चल सका। फरार बालकों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। उनके खिलाफ हत्या और चोरी जैसे गंभीर अपराधों में मामले दर्ज हैं।

पहले भी भाग चुके हैं अपचारी बालक

प्लेस ऑफ सेफ्टी से अपचारी बालकों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। फरवरी में भी 15 अपचारी बालक गार्ड पर हमला कर फरार हो गए थे। इसके बाद जून में बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक खिडक़ी उखाडक़र भाग गए थे। इनमें से पांच को पकड़ा गया था, जबकि दो को वापस लाया गया था। जुलाई में भी 13 अपचारी बालक पुराना दरवाजा तोडक़र फरार हो गए थे, जिनमें से दो को पकड़ा गया था। इसके अलावा, प्लेस ऑफ सेफ्टी में शौचालय का रोशनदान तोडक़र तीन अपचारी बालकों के भागने की घटना भी सामने आई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद संस्था की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

निलंबन के बाद आरक्षकों के भरोसे संचालन

लगातार फरारी की घटनाओं के बाद संस्था के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल प्लेस ऑफ सेफ्टी का संचालन आरक्षकों के भरोसे किया जा रहा है। सरगुजा कलेक्टर ने भी प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद दोनों संस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। इसके बावजूद बालकों के फरार होने की ताजा घटना ने सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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