कोर्ट का फैसला: रकेली हत्याकांड में 01 को आजीवन कारावास, 05 बरी

2025 में टांगी-सब्बल से की गई थी सोनू यादव की हत्या

अंबिकापुर। उदयपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सोनू यादव हत्याकांड में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर कमलेश जगदल्ला की कोर्ट ने 2 नवंबर को फैसला सुनाया है। सत्र प्रकरण क्रमांक- 145/2025 छत्तीसगढ़ राज्य विरुद्ध मिथलेश यादव व 5 अन्य में कोर्ट ने मुख्य आरोपी सुदामा यादव पिता स्व. सीताराम यादव 62 वर्ष निवासी ग्राम रकेली को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि इसी मामले के 5 अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विवेक सिंह ने पैरवी की। आरोपी क्रमांक 01 से 03 की ओर से अधिवक्ता एस.के. पांडेय और 04 से 06 की ओर से अधिवक्ता संजय अम्बष्ट ने बचाव किया।

उदयपुर थाना क्षेत्र का यह था मामला

घटना 6 मई 2025 की है। उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली में दिनांक 06.05.2025 को लगभग 09 बजे आशा यादव के घर के पास सभी आरोपियों ने विधि-विरुद्ध जमाव का सदस्य होते हुए सोनू यादव की हत्या के आशय से टांगी, सब्बल, लाठी डंडा से मारपीट कर हत्या कारित की। आहत विजय यादव, महेश यादव और आहता आशा यादव को भी मारपीट कर उपहति कारित करने का आरोप था। गंभीर चोटों के कारण सोनू की मौत हो गई थी। मामले की रिपोर्ट 7 मई 2025 को दर्ज हुई थी। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को 8 मई 2025 को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने इन्हें बनाया था आरोपी

मिथलेश यादव पिता सुदामा यादव 35 वर्ष, सुदामा यादव पिता स्व. सीताराम यादव 62 वर्ष, लालमन पिता स्व. सीताराम यादव 60 वर्ष, राजकुमार यादव पिता स्व. बदरीराम यादव 40 वर्ष, आशीष यादव पिता स्व. दीनानाथ यादव 23 वर्ष एवं विशाल यादव पिता राजकुमार यादव 23 वर्ष, सभी निवासी ग्राम रकेली थाना उदयपुर।

544 दिन जेल में रहे सभी आरोपी

इस मामले में सभी 6 आरोपी 8 मई 2025 से लगातार न्यायिक हिरासत में थे। फैसले तक कुल 544 दिन यानी 1 वर्ष 5 माह 26 दिन जेल में बिताए। पुलिस ने 4 अगस्त 2025 को चालान पेश किया, 30 सितंबर 2025 को आरोप तय हुए और 28 अक्टूबर 2025 से गवाही शुरू हुई। अभियोजन की ओर से 13 गवाह और 49 दस्तावेज पेश किए गए, जिसमें शव पंचनामा, मौका नक्शा, जब्ती पत्रक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट शामिल थी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एस.के. पांडेय और संजय अंबष्ट ने पैरवी की।

न्यायालय ने की ये टिप्पणी

कोर्ट ने अपने 60 पन्नों के फैसले में कहा कि चिकित्सक डॉक्टर के पोस्टमार्टम और क्यूरी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मृतक को आई सभी घातक चोटें जब्तशुदा सब्बल और टांगी से आना संभव है। अभियुक्त सुदामा यादव को बीएनएस, 2023 की धारा-115/190, 117/190 एवं धारा-191(3) के आरोपों में दोषमुक्त करते हुए केवल धारा-103(1) के अंतर्गत दोषसिद्ध ठहराया जाता है। उसे आजीवन कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया जाता है। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। शेष अभियुक्तगण मिथलेश यादव, लालमन यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव एवं विशाल यादव को धारा-103(1)/190 सहित सभी आरोपों से दोषमुक्त किया गया है। कोर्ट ने यह भी लिखा है कि प्रकरण में एक अन्य अभियुक्त प्रेम यादव फरार है, इसलिए जब्त संपत्ति का निराकरण अपील न्यायालय के आदेश पर किया जाएगा।

मुआवजे की अनुशंसा

कोर्ट ने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2018 के तहत मृतक सोनू यादव के वैधानिक उत्तराधिकारी को पर्याप्त क्षतिपूर्ति राशि देने की अनुशंसा जिला दंडाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर से की है। फैसला 3 माह के भीतर लागू करने को कहा गया है। प्रकरण में एक अन्य आरोपी प्रेम यादव अभी भी फरार बताया गया है, जिसके कारण जब्त संपत्ति का निराकरण अपील न्यायालय के आदेश तक लंबित रखा गया है।

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