बसंत मल्टीप्लेक्स में मनोरंजन महंगा, पार्किंग के नाम पर 50 रुपये का फटका

टिकट पर कन्वीनियंस फीस, अंदर दोगुना दाम का पॉपकॉर्न अलग

अंबिकापुर । शहर के बसंत मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है। टिकट के पैसे के बाद पार्किंग के नाम पर 50 रुपये की अलग वसूली और कैंटीन में दोगुनी कीमतों ने दर्शकों में नाराजगी बढ़ा दी है। सवाल उठ रहा है-जब दर्शक पैसा देकर फिल्म देखने आ रहा है, तो पार्किंग के लिए अलग से लूट क्यों?

फिल्म देखने का प्लान करने वाला दर्शक पहले टिकट का बजट देखता है। ऑनलाइन बुकिंग करो तो ऊपर से कन्वीनियंस फीस। गेट पर पहुंचो तो बाइक-कार खड़ी करने के लिए 50 रुपये और दो। मामला सिर्फ 50 रुपये का नहीं है, मामला पारदर्शिता और जवाबदेही का है। दर्शक पूछ रहे हैं-पार्किंग चार्ज किस नियम से तय हुआ? टिकट बुक करते समय इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती? अगर पार्किंग में गाड़ी चोरी हुई या नुकसान हुआ तो प्रबंधन जिम्मेदारी लेगा क्या?

अंदर पॉपकॉर्न भी बाजार से दोगुना

पार्किंग ही नहीं, मल्टीप्लेक्स के अंदर बिकने वाले खाने-पीने के सामान की कीमतों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत के मुताबिक बाजार में 20 रुपये में मिलने वाली चीज मल्टीप्लेक्स में 40 से 50 रुपये में बेची जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए मूल्य सूची का मिलान जरूरी है, लेकिन दर्शकों का आरोप है कि मनोरंजन के नाम पर हर कदम पर जेब काटी जा रही है।

अंबुजा मॉल को झटका के बाद भी सबक नहीं

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब 24 सितंबर को ही छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने रायपुर के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में पार्किंग वसूली को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना था। आयोग ने मॉल की अपील खारिज करते हुए ग्राहक को 50 हजार मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार वाद व्यय देने का आदेश बरकरार रखा था। हालांकि यह आदेश सीधे बसंत मल्टीप्लेक्स पर लागू नहीं होता, लेकिन यह साफ संकेत है कि व्यवसायिक परिसर में ग्राहक से जबरन पार्किंग वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है?

50 रुपये पार्किंग वसूली का आधार क्या?

मल्टीप्लेक्स का काम सिर्फ फिल्म दिखाना नहीं, दर्शक को सुविधाजनक अनुभव देना भी है। अगर पार्किंग और कैंटीन के चार्ज नियम के तहत है तो प्रबंधन को बोर्ड पर रेट लिस्ट और नियम का आधार सार्वजनिक करना चाहिए। अगर नियम के खिलाफ वसूली हो रही है तो प्रशासन और उपभोक्ता विभाग को शिकायत के आधार पर जांच करनी चाहिए। फिलहाल दर्शकों का एक ही सवाल है बसंत मल्टीप्लेक्स में 50 रुपये पार्किंग वसूली का आधार क्या है? क्या प्रबंधन पारदर्शिता दिखाएगा या सफाई देकर बात टाल दी जाएगी?

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