हत्या के प्रयास में सजायाफ्ता प्रधान पाठक के अलावा 2 शिक्षक निलंबित, डीईओ ने जारी किया आदेश



अंबिकापुर। सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग ने गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त तीन शासकीय शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।


पहला मामला विकासखंड उदयपुर के शासकीय प्राथमिक शाला पेण्डरडी का है। यहां पदस्थ प्रधान पाठक विजय कुमार यादव को निलंबित किया गया है। जानकारी के अनुसार विजय यादव के खिलाफ वर्ष 2019 में हत्या के प्रयास सहित भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय अंबिकापुर ने इसी वर्ष 3 जनवरी को उन्हें दोषसिद्ध करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी, इसके बाद उन्हें केंद्रीय जेल अंबिकापुर में निरुद्ध किया गया था। बाद में हाईकोर्ट में अपील के दौरान उन्हें जमानत मिली और 9 अक्टूबर को जेल से रिहा किया गया। विभाग ने 3 जनवरी से 9 अक्टूबर तक की पूरी अवधि को निलंबन अवधि माना है।


क्रिप्टोकरेंसी और शेयर मार्केट फ्रॉड में फंसे दो शिक्षक
दूसरे मामले में प्रधान पाठक राजकुमार पैकरा को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ मणिपुर थाने में अपराध क्रमांक 132/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी की। पुलिस ने उन्हें बीते 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था और 1 अक्टूबर को जमानत पर रिहा हुए। उनका निलंबन 20 जुलाई से प्रभावशील माना गया है। एक अन्य मामला भी इसी अपराध से जुड़ा है। शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह, उदयपुर में पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी त्रिपाल टोप्पो को भी इसी मामले में आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ भी मणिपुर थाने में अपराध दर्ज है। इन्हें बीते 31 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और 6 अक्टूबर को जमानत मिली थी। विभाग ने 31 अगस्त से उनका निलंबन प्रभावशील किया है।


मुख्यालय अटैच, जांच जारी
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेशों में तीनों निलंबित शिक्षकों का मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें अन्यत्र नौकरी या व्यवसाय नहीं करने का प्रमाण पत्र देना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई जारी रहेगी। 

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