आईजी ने पूछा-791 केस में कैसे बरी हुए आरोपी

पॉक्सो में पीड़िता पलटी तो होगी कार्रवाई, एनडीपीएस में लापरवाही पर हुए नाराज

एक साल से लटके केस को जल्द निपटाने का दिया निर्देश

अंबिकापुर। सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा ने गुरुवार को जिला कोरिया में संभाग स्तरीय दो बड़ी बैठकों में अपराध और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। पहली बैठक में दोषमुक्ति के 791 प्रकरणों की गहन पड़ताल हुई, वहीं दूसरी बैठक में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ लंबित अपराधों और नई कार्ययोजना पर चर्चा हुई।बता दें कि, जुलाई-अगस्त माह में सेशन न्यायालय के 221 और लोअर न्यायालय के 570, कुल 791 मामलों में आरोपी बरी हो गए थे। आईजी दीपक कुमार झा ने हर जिले के अधिकारियों से पूछा कि दोषमुक्ति का वास्तविक कारण क्या था? उन्होंने कहा कि विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की कमियों को दूर कर दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाना होगा। उन्होंने हर जिले में नियमित समीक्षा करने को कहा। अईजी ने चिंता जताई कि बलात्कार और पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्धि कम है। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़िता के धारा 164 सीआरपीसी और 183 बीएनएसएस के तहत दर्ज कथन को नियमानुसार साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रदर्शित कराया जाए। अगर पीड़िता विचारण के दौरान पलटती है या पक्षद्रोही होती है तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही अगर कोई एफआईआर झूठी पाई जाए तो साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से खात्मा, खारिजी लेकर झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने ई-प्रॉसिक्यूशन के जरिए अभियोग पत्र समय से पहले अभियोजन अधिकारी को देने को कहा ताकि तकनीकी खामी का लाभ आरोपी को न मिले। उन्होंने सात साल से अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल टीम से घटनास्थल निरीक्षण और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।

एनडीपीएस और साइबर क्राइम पर नाराजगी

आईजी दीपक कुमार झा ने अपराधों की समीक्षा के क्रम में पाया कि एनडीपीएस एक्ट के कुछ मामलों में अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं हो रहा। इस पर आईजी ने कड़ी आपत्ति और नाराजगी जताई। उन्होंने इकाई स्तर पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराने के लिए कहा।

दूसरे चरण में हुई पुलिस अधीक्षकों की बैठक

दूसरे चरण में आईजी ने एक साल से अधिक लंबित अपराध, लंबित खात्मा, एमआरएम, जीआरएम, एनसीआरपी, साइ-ट्रेन पोर्टल, एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स), सड़क हादसों की रोकथाम, नेटग्रिड, ई-समंस, ई-साक्ष्य, प्रशिक्षु एसआई के प्रशिक्षण और पुलिसकर्मियों के कल्याण योजनाओं की समीक्षा की। सभी जिलों को समयबद्ध निराकरण और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी/एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल, एसएसपी जशपुर लाल उमेद सिंह, एसपी कोरिया हरीश राठौर, एसपी बलरामपुर वैभव बैंकर, एसपी एमसीबी रत्ना सिंह सहित रेंज के अधिकारी और लोक अभियोजन अधिकारी मौजूद रहे।

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