मां-बेटे की हत्या से आहत आरोपी की पत्नी ने मिटाया माथे का सिंदूर

पति के लिए मांगी फांसी, एक करोड़ का बीमा कराने का दावा भी किया

बिश्रामपुर। मां-बेटे के चर्चित दोहरे हत्याकांड में आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी सरिता लकड़ा के बयान से मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। पति पर गंभीर आरोपों से आहत सरिता ने न केवल उससे रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया, बल्कि अपने माथे से सिंदूर मिटाकर उसके लिए फांसी के सजा की मांग भी की। वहीं घटना से करीब 10-15 दिन पहले अपने नाम पर एक करोड़ रुपये का बीमा कराए जाने के दावे ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि बीमा पॉलिसी और हत्याकांड के बीच किसी संबंध की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।

सरिता लकड़ा के मुताबिक उनके पति ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना टाटा कंपनी में उनके नाम पर एक करोड़ रुपये का बीमा कराया था। उस समय उन्हें इसके पीछे की वजह का अंदाजा नहीं था, लेकिन मां-बेटे की हत्या की जानकारी मिलने के बाद अब वे इसे लेकर आशंकित हैं। उन्हें डर है कि कहीं वह भी किसी अनहोनी का शिकार तो नहीं हो सकती थीं। हालांकि यह उनकी आशंका है और इसकी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। सरिता ने बताया कि घटना वाली रात जब उन्होंने प्रवेश से पूछा, तो उन्होंने पेंड्रा जाने की बात कही थी। उस समय उन्हें पति की कथित गतिविधियों या किसी वारदात की जानकारी नहीं थी। बाद में पुलिस के माध्यम से दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिली, जिससे वह स्तब्ध रह गईं।उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पहले ही पति के कथित करतूतों का पता चल जाता, तो वह उनसे दूर हो जातीं। मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। इसी वजह से उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में निष्पक्ष जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दोहरे हत्याकांड से आहत सरिता लकड़ा ने आरोपी पति से किसी भी तरह का संबंध रखने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा दु:ख पहुंचा है, पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। सरिता के अनुसार मां और बेटे की जान जाने से वे बेहद व्यथित हैं। उन्होंने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा कि, अब वे प्रवेश कुमार के साथ नहीं रहना चाहती हैं। इसी भावनात्मक आघात के बीच उन्होंने अपने माथे से सिंदूर भी मिटा दिया।उनका यह कदम मामले के मानवीय पक्ष को सामने लाता है, जहां एक ओर दोहरे हत्याकांड से दो जिंदगियां खत्म हो गईं, वहीं दूसरी ओर आरोपी की पत्नी भी इस घटना के बाद भय और मानसिक आघात से गुजरने की बात कह रही हैं। मृतिका रजनी बरेठ और प्रवेश कुमार के बीच कथित संबंधों को लेकर पूछे जाने पर सरिता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने प्रवेश के कथित बयान पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस घटना को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सरिता के बयान के बाद उनके नाम पर कथित तौर पर कराई गई एक करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी, उसे कराने की परिस्थितियों और उसके उद्देश्य की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही उनके द्वारा जताई गई सुरक्षा संबंधी आशंका पर भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान जाना जरूरी है। हालांकि बीमा पॉलिसी को हत्याकांड से जोड़ने या किसी संभावित साजिश का निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों और साक्ष्यों की पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल सरिता के आरोप और आशंकाएं जांच का विषय हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी। सरिता की मांग है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाए।

Share with