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ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर इको क्लब के विद्यार्थियों ने चलाया जागरूकता अभियान, बताए ई-कचरे के स्रोत, दुष्प्रभाव और सुरक्षित निपटान के उपाय

बलरामपुर, ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर 28 अक्टूबर को जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार निरापुरे के मार्गदर्शन में ‘इको क्लब फॉर मिशन लाइफ’ के अंतर्गत ये कार्यक्रम हुए। इनमें विद्यार्थियों ने लोगों को बताया कि ई-कचरा क्या है, यह कहाँ से आता है, इससे क्या नुकसान होता है और इसका सही निपटान कैसे किया जाए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा ई-कचरा प्रबंधन में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना था।
बलरामपुर विकासखंड के बरदर, केरता, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर, सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय बलरामपुर, जरहाडीह, चित विश्रामपुर, जमुआटांड, विश्रामनगर और सौनी के विद्यार्थियों ने पोस्टर और चित्रकला के माध्यम से स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण का संदेश दिया। शंकरगढ़ विकासखंड में पीएम श्री हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरगढ़ तथा दुर्गापुर, जगीमा, घुघरीकला, धारानगर और रेहड़ा के इको क्लब सदस्यों ने घरों और आसपास से पुराने मोबाइल, टॉर्च, कैलकुलेटर, चार्जर, केबल, बैटरी, खराब इलेक्ट्रॉनिक खिलौने और कंप्यूटर सामग्री एकत्र की। उन्होंने समझाया कि इनमें सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के साथ पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए ई-कचरे को अन्य कचरे से अलग रखना चाहिए।
राजपुर विकासखंड के माध्यमिक शाला बदौली, खोडरो, डुमरपारा, सिदमा, अखोराखुर्द, महेवापारा और लाउ के विद्यार्थियों ने गतिविधियों के माध्यम से बताया कि ई-कचरे का अनुचित निपटान मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण का कारण बनता है। उन्होंने पुराने उपकरणों की मरम्मत, पुनः उपयोग और सुरक्षित पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फुलीडूमर के विद्यार्थियों ने ई-कचरा एकत्र कर विद्यालय में ‘ई-वेस्ट कॉर्नर’ बनाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि ई-कचरे को न जलाएँ और न ही ज़मीन में दबाएँ, बल्कि अधिकृत रिसाइक्लर को सौंपकर नियमानुसार उसका निपटान कराएँ। इको क्लब विद्यालयों की यह पहल स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में सार्थक कदम है।

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