सरगुजा सांसद के द्वारा जनहित में समर्पित टैंकर का बीच सड़क में बहाना पड़ा पानी

जेसीबी की मदद से हटाया, बनते रही आवागमन में अवरोध की स्थिति

अंबिकापुर। शहरवासियों के लिए जनहित के नाम पर दिया गया पानी टैंकर सोमवार को राहगीरों के लिए आफत बन गया। सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज द्वारा नगर पालिक निगम अंबिकापुर को समर्पित किया गया पानी टैंकर बीच सड़क पर ही स्टैचू की तरह खड़ा हो गया। इसके बाद हजारों लीटर पानी सड़क पर बहाने की नौबत बनी। करीब दो घंटे तक आने-जाने में लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निगम के जल प्रदाय शाखा से ट्रैक्टर में टोचन करके पानी से भरे टैंकर को चालक कहीं ले जा रहा था। पानी टंकी से महज 200 मीटर की दूरी पर बीच सड़क में अचानक पीछे की ओर से जमीन के सहारे टिक गया, जिससे चालक को ट्रेक्टर आगे बढ़ाने में असविधा होने लगी, दुर्घटना की संभावना भी पल भर के लिए बनी। इस दौरान आसपास में स्थित मल्टीपरपज स्कूल, शासकीय कन्या विद्यालय, नगर पालिक निगम सहित अन्य शासकीय और निजी स्कूलों के बच्चों की छुट्टी और स्कूल जाने का समय होने के कारण सड़क में यातायात का दबाव भी काफी था। स्कूली बसों के साथ ही अन्य वाहनों में लोग आना-जाना कर रहे थे।

टैंकर के पिछले हिस्से में आई तकनीकी खराबी के बाद बीच सड़क पर आड़ा-तिरछा जमीन पर टिकने से आवागमन में लोगों को दिक्कत होने लगी। इधर ट्रेक्टर के चालक के पास टैंकर के सड़क पर टिक जाने के बाद एकमात्र विकल्प यथास्थिति में टैंकर को छोड़ देना था। घटना के बाद जाम का सामना करते लोग गंतव्य की ओर रवाना हुए। कार, बाइक, साइकिल, ऑटो और स्कूली बच्चों की भीड़ जाम में फंसी रही। दोपहर करीब 12.30 बजे जेसीबी मशीन के साथ ऑपरेटर पहुंचे और टैंकर में भरे पानी को सड़क पर बहाने के बाद टैंकर को हटाया।

बहरहाल, मौके की स्थिति देखने के बाद जो परिदृश्य सामने आया, उससे करीबन साल भर पहले ही सांसद सरगुजा की ओर से जनहितार्थ दिए गए पानी के टैंकर की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि सांसद निधि से दिए गए टैंकरों के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? टैंकर पानी भरकर भेजने के उपयुक्त है या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग किसके द्वारा की जाती है? ऐसे में निगम के जल प्रदाय शाखा में रखे गए सभी टैंकरों की तकनीकी जांच कराने की जरूरत महसूस हो रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।

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