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सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का आंदोलन का अल्टीमेटम आज से ऑनलाइन रिपोर्टिंग का करेंगे अनिश्चितकालीन बहिष्कार

राजेंद्र ठाकुर (राजू) ब्यूरो कार्यालय बलरामपुर

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों और आपत्तियों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने बुधवार को जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को पत्र सौंपकर प्रस्तावित आंदोलन की पूर्व सूचना दी है।
संघ के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त संचालक द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के कार्यों की जांच एवं कार्रवाई संबंधी निर्देश दिए गए हैं। संघ ने पत्र में प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के निर्धारण एवं भुगतान से जुड़े विषयों के साथ अन्य बिंदुओं को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है।
संघ के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने कहा कि किसी भी प्रकार की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि प्रोत्साहन राशि के भुगतान अथवा कार्य निष्पादन में अनियमितताओं की जांच की जानी है, तो इसमें संबंधित सभी पहलुओं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का भी परीक्षण किया जाना चाहिए। केवल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को केंद्रित कर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
संघ ने बताया कि अपनी मांगों एवं आपत्तियों से संबंधित अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक उनका निराकरण नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है।
आज से ऑनलाइन रिपोर्टिंग का बहिष्कार

अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त संचालक द्वारा जारी 9 अक्टूबर के पत्र को तत्काल निरस्त नहीं किया गया या आवश्यक संशोधन नहीं किया गया, तो प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी 15 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन रिपोर्टिंग का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करेंगे।
इसके साथ ही संघ ने पूर्व में प्रस्तुत सभी मांगों का 10 दिनों के भीतर निराकरण करने की मांग की है। निर्धारित समय-सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर संघ अपने सदस्यों के मौलिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।

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