जगराता के लिए अवरूद्ध सड़क में रस्सी से उलझे बाइक सवार, 01 की मौत

कोतवाली पहुंचे लोगों ने लगाया लापरवाही का आरोप, दो के विरूद्ध केस दर्ज

अंबिकापुर। शहर के जयस्तंभ चौक में जगराता कार्यक्रम के लिए की गई व्यवस्था और रस्सी लगाकर अवरूद्ध किए गए मार्ग में कथित रूप से संकेतकों की अनदेखी के कारण बाइक सवार एक युवक की जान चली गई, दूसरे को सामान्य चोटें आई हंै। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, बाइक सवार काफी रफ्तार में थे, इन्हें ट्रैफिक के सिपाही ने रास्ता बंद है, बताते हुए रोकने का प्रयास भी किया लेकिन वे नहीं रूके और दुर्घटना का शिकार हो गए। निजी अस्पताल में युवक के मौत की पुष्टि के बाद लोगों का हुजूम देर रात कोतवाली थाने पहुंचा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने दो लोगों के विरूद्ध नामजद गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के बाद आयोजकों ने जगराता कार्यक्रम स्थगित कर दिया, और घटना में मृत युवक के प्रति संवेदना व्यक्त की। जानकारी के मुताबिक, जयस्तंभ चौक में हर वर्ष की भांति जागृति नवयुवक मंडल के द्वारा शारदीय नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां रोजाना आरती सहित अन्य पूजन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सैकड़ों भक्त पहुंच रहे हैं। यहां दशकों से चले आ रही परंपरा के अनुरूप जगराता कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार की शाम को किया गया था, इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी। जगराता कार्यक्रम के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के बाद जयस्तंभ चौक से जामा मस्जिद होकर जाने वाले मार्ग को खुला छोड़ा गया था, वहीं अग्रसेन चौक से जयस्तंभ चौक की ओर जाने वाले मार्ग में याम्हा शो रूम के पास बंद पड़े एक दुकान, मकान के ग्रिल से पीले रंग की मोटी रस्सी बांधकर मार्ग अवरूद्ध किया गया था। जगराता शुरू हो पाता, इसी बीच शाम करीब 6.30 बजे के बीच अग्रसेन चौक की ओर से पहुंचे हाईस्पीड बाइक में सवार युवक रस्सी से उलझकर गिर गए। इस दौरान याम्हा शोरूम खुला था और एक व्यक्ति बाहर बैठा था।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो, रफ्तार इतनी तेज थी कि हवा में उछली बाइक के साथ सवार सड़क पर फेंका गए। गाड़ी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। आवाज सुनकर अग्रसेन चौक में मौजूद यातायात पुलिस कर्मी के अलावा जागृति नवयुवक मंडल के कार्यकर्ता दौड़ते घटनास्थल पहुंचे, तो एक युवक की स्थिति गंभीर थी। पीछे बैठा युवक भी जख्मी हुआ था। घायलों को मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल भेजा गया, यहां के आपातकालीन चिकित्सा परिसर से स्वजन घायल फैजान को निजी अस्पताल ले गए, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोश बढ़ा और लोगों का हुजूम कोतवाली थाने पहुंच गया। पुलिस ने इनकी बातों को सुनने के बाद आयोजन समिति के दो पदाधिकारियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है, और मामले की जांच कर रही है।

भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने किया केस दर्ज

चिकित्सक के द्वारा युवक के मौत की पुष्टि करने के बाद मृतक की ओर से उसके भाई मायापुर निवासी मो. अरबाज आलम पिता मो. अय्युब शाह ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि, 16 अक्टूबर को शाम करीब 6.50 बजे उसे मोबाइल में सूचना मिला कि उसका भाई फैजान और उसका साथी समीर जयस्तंभ चौक में, याम्हा शोरूम के पास रोड में गिरे हुए हैं। जब वह मौके पर गया तो दोनों सड़क पर गिरे थे। फैजान के गले में रस्सी, जीआई तार और बिजली का तार फंसा हुआ था, उसके गले में बिजली करंट से जलने का काला निशान था। दोनों को मौके पर उपस्थित लोगों की सहायता से जिला अस्पताल अंबिकापुर लेकर गया। जांच के बाद चिकित्सक ने समीर की स्थिति सामान्य और फैजान की स्थिति नाजुक बताई। इसके बाद फैजान को वे संजीवनी अस्पताल ले गए, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरबाज ने दर्ज रिपोर्ट में भाई की मृत्यु का कारण बिना किसी संकेत और लाइट साधन के रस्सी, जीआई तार और बिजली तार लगाना बताया है, और इसका जिम्मेदार जागृति नवयुवक मंडल के सुरेश कन्नौजिया और संदीप अग्रवाल को ठहराया है। पुलिस ने दोनों के विरूद्ध धारा 106(1), 125(ए), 3(5) का मामला दर्ज कर लिया है, और अग्रिम जांच, कार्रवाई कर रही है।

बाक्सरस्सी तो टूटी ही, लोहे का ग्रील भी टूटकर बाहर निकल गया

जयस्तंभ चौक में हर वर्ष की भांति जगराता के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। एहतियात बतौर उन्होंने अग्रसेन चौक की ओर से आने वाले मार्ग को मोटी रस्सी लगाकर अवरूद्ध कर दिया था। शाम करीब 6.30 से 7 बजे के बीच हाईस्पीड बाइक में सवार दो युवक जब जयस्तंभ चौक की ओर आने को हुए तो ट्रैफिक की महिला सिपाही ने इन्हें रास्ता बंद है, कहते हुए आगे जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन ये नहीं माने और आगे आकर तेज रफ्तार में रस्सी से उलझकर गिर गए। घायलों को सामने देखकर उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन किया। विलम्ब होते देखकर वे ऑटो से घायलों को अस्पताल रवाना किए। दूसरे युवक की स्थिति नार्मल प्रतीत थी, जो पीछे बैठा था। इन्होंने बताया कि अन्य व्यक्ति रास्ता बंद देखकर अपनी बाइक को मोड़कर वापस हो ले रहे थे, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तेज रफ्तार होने के कारण इनकी बाइक नहीं रूकी और दोनों रस्सी से उलझकर गिर गए, जिसमें रस्सी तो टूटी ही, लोहे का ग्रील तक टूटकर बाहर निकल गया।

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