कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत के हत्या की साजिश को लेकर मिले गुमनाम खत से सनसनी

जेल में बंद युवक के द्वारा झारखंड-ओडिशा के शूटरों को सुपारी देने का उल्लेख

अंबिकापुर। बीते 29 अगस्त को जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उर्फ सिद्धू निवासी दर्रीपारा की हत्या के लिए जेल के अंदर से ही सुपारी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस मामले के गहन पड़ताल में जुट गई है।

गुरप्रीत सिद्धू को डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र मिला है, जिसमें उनकी हत्या के पूरे षड्यंत्र की जानकारी दी गई है। पत्र पर प्रेषक का नाम नहीं है, लेकिन लिफाफे पर एक नाम लिखा है और पत्र भेजने वाले ने खुद को मुखबिर और गुप्त सूचनादाता बताया है। गुमनाम पत्र में गुरप्रीत सिंह की पुरानी रंजिश सदर रोड अंबिकापुर निवासी दो युवकों से होने का नामजद उल्लेख किया गया है। 2-3 महीने पहले इनका गुरप्रीत से झगड़ा-मारपीट हुआ था, जिस पर गुरप्रीत ने मणिपुर थाने में अपराध पंजीबद्ध कराया था, इसके बाद एक व्यक्ति सेंट्रल जेल में निरुद्ध है। पत्र में दावा किया गया है कि जेल में बंद युवक अपने जिगरी दोस्त के साथ मिलकर उनके हत्या की साजिश रच रहा है। इसके लिए उसने शूटर हायर किए हैं।

झारखंड-ओडिशा-हरियाणा के शूटर का नामजद उल्लेख

पत्र के अनुसार जेल में बंद व्यक्ति ने ही सांठगांठ कर रमेश कुमार शर्मा उर्फ टिटू निवासी राउरकेला, सुंदरगढ़, उड़ीसा, मनोज उर्फ भद्दु सरकार निवासी परसुडीह, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड, शंकर मुण्डा, सीतारामडेरा, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड को भारी रकम की सुपारी दी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य के कुछ शूटरों को भी इस साजिश में शामिल किया जा रहा है। पत्र में यह भी लिखा है कि जेल में ही सांठगांठ करके किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम से रकम का लेन-देन कर इस घटना को अंजाम देने की तैयारी है। ऐसे में यह मामला अत्यंत गंभीर सुरक्षात्मक और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा प्रतीत होने लगा है।

एसएसपी से मिले गुरप्रीत, जांच की मांग

घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिद्धू ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल से मुलाकात कर पूरा पत्र और आवेदन सौंपा है। गुमनाम पत्र में इस पूरे मामले की पुलिस प्रशासन और जेल प्रशासन के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच कर त्वरित कार्रवाई करने और सेंट्रल जेल में बंद व्यक्ति की जमानत पर रोक लगाने की मां्र की गई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विवेचना के निर्देश दे दिए हैं।

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