सरकार कर रही कर्मचारियों का सुनियोजित आर्थिक शोषण, फिर छले गए कर्मचारी

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा, 99 महीने का डीए एरियर्स भुगतान करने की मांग

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनवरी 2026 के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) में 10 महीने बाद मात्र 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार पर कर्मचारियों के सुनियोजित आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।

संघ ने कहा कि, सरकार ने डीए तो बढ़ाया, लेकिन 10 महीने के एरियर्स पर चुप्पी साध ली है। नया डीए 1 नवंबर से लागू किया जा रहा है, जबकि जनवरी 2026 से मिलना चाहिए था। इससे हर कर्मचारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

99 माह का एरियर्स बकाया

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अनिल पांडेय ने कहा है कि, साल 2017 से 2026 तक हर कर्मचारी-अधिकारी का लगभग 99 महीने का डीए एरियर्स लंबित है। बकाया पर नजर डालें तो जनवरी 2017 से 10 माह, जनवरी 2018 से 12 माह, जुलाई 2018 से 8 माह, जनवरी 2019 से 7 माह, कोरोना काल में 1 जुलाई 2020 और 1 जुलाई 2021 को मिलने वाला डीए फ्रीज कर दिया गया, जुलाई 2021 से 10 माह, जुलाई 2023 से 8 माह, जनवरी 2024 से 9 माह, जुलाई 2024 से 8 माह, जनवरी 2025 से 8 माह, जुलाई 2025 से 7 माह, जनवरी 2026 से 10 माह और जुलाई 2026 से अब तक 4 माह के डीए का अता-पता नहीं है।

वित्त मंत्री के वादे की दिलाई याद

संघ ने कहा है कि, चुनाव से पहले वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने वीडियो जारी करके वादा किया था कि केंद्र के समान ही छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों-अधिकारियों को डीए दिया जाएगा, लेकिन 2017 से सरकार एक परंपरा बनाकर मनमानी तरीके से डीए दे रही है। साल में दो बार की जगह सिर्फ एक बार डीए दिया जा रहा है। केंद्र के समान नियत तिथि पर डीए नहीं मिलने से कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। दीपावली पर राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की घोषणा ने खुशी को मायूसी में बदल दिया है।

संघ की दो टूक-एरियर्स का ऐलान करो

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सरकार की नीति की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि केंद्र के समान हर साल जनवरी और जुलाई में नियत तिथि से दो बार डीए दिया जाए। साल 2017 से लंबित 99 महीने के एरियर्स का तत्काल भुगतान किया जाए। संघ ने प्रदेश भर के कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस सुनियोजित आर्थिक शोषण के खिलाफ एकजुट होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए आगे आएं।

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