12 हाथियों के दल ने 2 मकानों को ध्वस्त किया, धान की फसल रौंदी

हाथियों से प्रभावित ग्रामीणों की जमीनी स्थिति जानने खेतों तक पहुंचे मंत्री

अंबिकापुर/उदयपुर। वन परिक्षेत्र उदयपुर में हाथियों के दो दलों ने डेरा जमा रखा है। एक दल के 14 हाथी सतीमुड़ा में डटे हैं, तो दूसरा दल करमकठरा जंगल में मौजूद है। बीती रात 12 हाथियों के दल ने महेशपुर और मानपुर क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने दो ग्रामीणों के मकानों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में किसानों की खड़ी धान सहित अन्य फसलों को रौंद दिया। इससे ग्रामीणों और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्राम महेशपुर में जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनमें बृजभान यादव और कैलाशो बाई शामिल हैं। मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोनों पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके दर्द को सुना और वन विभाग के अफसरों को क्षति का आंकलन करके नियमानुसार तत्काल मुआवजा देने निर्देशित किया।

रायपुर से लौट रहे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को हाथी प्रभावित ग्रामों लक्ष्मणगढ़, फुन्गी, मानपुर और महेशपुर का दौरा किया। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों के नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से हाथियों के द्वारा की गई तोड़फोड़ को देखकर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा करके प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित गांवों के भ्रमण दौरान वे ग्रामीणों से सीधे संवाद किए और हाथियों के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा उन्हें हो रही परेशानियों की जानकारी ली। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हाथियों से प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, उनके नुकसान का नियमानुसार आंकलन कर मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए। मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान तथा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। इस दौरान रामगढ़ मंडल अध्यक्ष प्रबोध सिंह, देवगढ़ मंडल अध्यक्ष अखंड विधायक सिंह, जनपद सदस्य मुन्ना सिंह, अर्जुन सिंह, विजय यादव, डालेश्वर यादव, अनिल सिंह, मनीष बंसल के अलावा एसडीएम रामराज सिंह, वन परिक्षेत्र अधिकारी फेंकू प्रसाद चौबे, सीईओ वेद प्रकाश गुप्ता, थाना प्रभारी शिशिरकांत सिंह और कृषि अधिकारी राधा कृष्णन मौजूद रहे।

राहत पहुंचाने में न हो अनावश्यक विलंब

मंत्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आंकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों के प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में विभागीय समन्वय बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन पूरी तरह संवेदनशील है।

वन विभाग के निर्देशों का पालन करें

मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की, हाथियों की मौजूदगी के दौरान पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा वन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से संभावित खतरों को कम किया जा सकता है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही मैं स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचा हूं। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझना और उन्हें समय पर राहत दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। मैंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि, नुकसान का शीघ्र आंकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनता की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को राहत और हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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