पुलिस की धमक लौटाने दबंग छवि वाले अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

डी.के. सिंह को डीएसपी ट्रैफिक, राजेश देवांगन को एएसपी की कमान

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग की पुलिसिंग में दो नए अफसरों के आने के बाद बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। लंबे समय से अपराध, बेलगाम ट्रैफिक और लचर व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शासन ने दो ऐसे नामों पर दांव खेला है, जिनका नाम ही अपराधियों के लिए चेतावनी है। तेज-तर्रार, बेबाक और जमीन से जुड़े अफसर के तौर पर पहचाने जाने वाले देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ डी.के. सिंह की एक बार फिर अंबिकापुर वापसी हुई है। उन्हें संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में उप पुलिस अधीक्षक यातायात (डीएसपी ट्रैफिक) की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ ही 2015 बैच के तेजस्वी अधिकारी राजेश देवांगन को सरगुजा का नया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

डी.के. सिंह महज एक पुलिस अधिकारी नहीं, एक भरोसे का नाम है। उनकी पहचान दफ्तर की चारदीवारी में बैठकर आदेश देने वाले अफसर की नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर हालात को काबू में करने वाले लीडर की रही है। जनता के बीच जाना, उनकी सुनना और मौके पर ही पीड़ित को राहत देना उनके स्वभाव का हिस्सा रहा है। सरगुजा और सूरजपुर अंचल तो उनके लिए घर जैसा है। वे यहां की हर गली, हर संवेदनशील मोड़ और हर अपराधी की नब्ज से वाकिफ हैं। इनके कार्यकाल का इतिहास उनकी दबंग कार्यशैली का गवाह है। 2004-05 में थाना सूरजपुर के प्रभारी के रूप में उन्होंने अपने तेवर दिखाए। 2005-06 में अंबिकापुर कोतवाली के टीआई रहते हुए उन्होंने शहर में अपराधिक गतिविधियों पर ऐसा प्रहार किया कि अपराधी शांत रहने मजबूर हो गए। 2010-11 में भैयाथान और 2011 से 2013 तक सूरजपुर कोतवाली में उन्होंने संगठित अपराध के नेटवर्क को उखाड़ फेंकने का काम किया। 2016 से 2019 तक सीएसपी सूरजपुर के रूप में उन्होंने शहरी कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया।

नए एएसपी का अनुभव भी कम नहीं

इधर, नए एएसपी राजेश देवांगन भी कम अनुभवी नहीं हैं। 2015 बैच के डीवाईएसपी के रूप में भर्ती होकर 2026 में एएसपी के पद पर पदोन्नत हुए देवांगन दंतेवाड़ा, नारायणपुर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में सफलतापूर्वक काम कर चुके हैं। महासमुंद और रायपुर के पुरानी बस्ती सीएसपी के रूप में भी उन्होंने कानून-व्यवस्था को संभाला है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एसडीओपी रहते हुए उनकी तेज-तर्रार कार्यशैली की खूब चर्चा रही।

मुख्य मार्गों में ट्रैफिक बड़ी समस्या

अंबिकापुर शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक है। बढ़ती जनसंख्या, बेतरतीब अतिक्रमण, बेलगाम ई-रिक्शा और नो-पार्किंग की समस्या से शहर जूझ रहा है। हालांकि इस दिशा में नगर निगम ने पहल की है, फिर भी शहर के मुख्य मार्गों में ट्रैफिक समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। डीएसपी ट्रैफिक के रूप में डी.के. सिंह से लोगों को उम्मीद है कि वे जल्द ही सड़कों को जाम से मुक्त कराएंगे और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराएंगे। व्यापारियों और आम नागरिकों में इस जोड़ी की पोस्टिंग से नया उत्साह है। लोगों का मानना है कि अब सरगुजा में फिर से कानून का खौफ और जनता में सुरक्षा का एहसास दोनों लौटेगा।

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