रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और छत्तीसगढ़ प्रभारी मुखेश अहलावत को भेज दिया है।इस्तीफे में जायसवाल ने पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने के बावजूद वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें अपने उद्देश्य पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं।
पद नहीं, छत्तीसगढ़ में संगठन मजबूत करना था लक्ष्य
उत्तम जायसवाल ने अपने इस्तीफा पत्र में स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी से जुड़ने के पीछे उनका उद्देश्य कभी पद हासिल करना या व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ लेना नहीं था। उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ में पार्टी के संगठन को मजबूत करना और आम लोगों के हितों के लिए संघर्ष करना था।उन्होंने दावा किया कि गांव से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को खड़ा करने के लिए लगातार मेहनत की, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी की दिशा और भविष्य को लेकर स्पष्टता दिखाई नहीं दे रही है।
2023 विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप
जायसवाल ने अपने त्यागपत्र में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के पुराने, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा।उनके मुताबिक इसका असर संगठन पर भी पड़ा, लेकिन चुनाव के बाद पार्टी की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी का कोई स्पष्ट रोडमैप उन्हें नजर नहीं आया।
आत्मसम्मान और कार्यकर्ताओं का सम्मान सबसे अहम
उत्तम जायसवाल ने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण आत्मसम्मान, संघर्ष और वर्षों से पार्टी के साथ खड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान है। उन्होंने संगठन के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
‘जमीन पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत’
जायसवाल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत केवल बड़े पदों पर बैठे नेता नहीं होते, बल्कि जमीन पर पार्टी का झंडा लेकर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता होते हैं।उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनके इस्तीफे को केवल एक पदाधिकारी के त्यागपत्र के रूप में नहीं देखेगी, बल्कि इसे वर्षों से संघर्ष कर रहे एक कार्यकर्ता की पीड़ा, अनुभव और छत्तीसगढ़ के संगठनात्मक भविष्य को लेकर गंभीर चिंता के रूप में समझेगी।इस्तीफा पत्र के अंत में उत्तम जायसवाल ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद से त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उनके इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

