भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कार्रवाई हो, गाइडलाइन बनाने की मांग

नागरिक सुरक्षा मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा-स्थिति नहीं सुधरने पर करेंगे क्रमिक आंदोलन

अंबिकापुर। नागरिक सुरक्षा मंच ने कलेक्टर को पत्र प्रेषित करके फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर खुद को पत्रकार बताकर भ्रामक, अश्लील और मानहानिकारक खबरें फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। मंच ने इस संबंध में सर्वदलीय बैठक बुलाकर गाइडलाइन तैयार करने की भी मांग की है। सात दिवस के अंदर सोशल मीडिया पर प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री, पोस्ट की स्थिति नहीं सुधरने पर मंच की ओर से जिला प्रशासन के विरुद्ध क्रमिक आंदोलन प्रारंभ करने की चेतावनी दी गई है।मंच ने कहा है कि, पिछले कुछ वर्षों से नगर अंबिकापुर में एक सिंडिकेट बनाकर अधिकृत पत्रकारों को बदनाम करते हुए कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग खुद को पत्रकार बता रहे हैं। ये लोग फेसबुक पेज, प्रोफाइल के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर कूटरचित तरीके से प्रथम दृष्टया अश्लील, आपत्तिजनक, मानहानिकारक तथा भ्रामक और फर्जी समाचार बिना किसी सत्यापन के प्रकाशित कर पूरे समाज में नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर रहे हैं। इससे संबंधित व्यक्तियों की छवि, ख्याति और समाज को आघात पहुंच रहा है और सामाजिक शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।ज्ञापन में सात नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि ये एक संगठित सिंडिकेट के रूप में कार्य करते हैं, इनके द्वारा बनाए गए फेसबुक प्रोफाइल, पेज एवं उसमें प्रकाशित विवादित पोस्टों की तत्काल जांच कराई जाए। अश्लील, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री के प्रचार-प्रसार को रोकने हेतु सायबर अपराध, पुलिस प्राधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए। संबंधित फेसबुक अकाउंट, पेज के संचालक एवं एडमिन की पहचान कर उनके विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की जाए और संबंधित पोस्ट, वीडियो, फोटो, कमेंट, शेयर, लाइक तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराया जाए ताकि जांच के दौरान साक्ष्य नष्ट न किए जा सकें। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म, मेटा को विवादित सामग्री को सुरक्षित, रिमूव, प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी किए जाएं।नागरिक सुरक्षा मंच ने कहा है कि, ऐसे ही सिंडिकेट के द्वारा विवादित सामग्री के प्रसारण के कारण सार्वजनिक शांति प्रभावित हुई है और सिंडिकेट के लोग अभी भी लगातार उनके बचाव में ट्रोल कर रहे हैं, इनकी पहचान कर प्रतिषेधात्मक कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की जाए और इनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति की जांच कराई जाए। मंच ने कहा है कि, जिला प्रशासन के नेतृत्व में आम जनता का विश्वास पुन: हासिल करने के लिए सर्वदलीय तथा नगर के प्रबुद्धजनों की बैठक आहूत कर मार्गदर्शी निर्देश बनाए जाएं।

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