करंट से मौत के बाद नहीं मिला मुक्तांजलि वाहन, ट्रेक्टर में शव ले गए स्वजन

नपं अध्यक्ष के पहुंचने के बाद सिस्टम की लापरवाही सामने आई

लखनपुर/अंबिकापुर। जंगली सुअरों से फसल बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाए गए करंट प्रवाहित तार ने एक युवक की जान ले ली। मौत के बाद भी सिस्टम की संवेदनहीनता खत्म नहीं हुई। पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घंटों पड़ा रहा। स्वजन शव वाहन के लिए भटकते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। मामला तूल पकड़ा तो नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री दिनेश साहू अस्पताल पहुंची और स्वास्थ्य अमले को जमकर फटकार लगाई।घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रेम्हला से लगे झिलमिली जंगल की है। यहां एक ग्रामीण ने अपनी फसल को जंगली सुअरों से बचाने के लिए खेत के आसपास अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार लगा रखा था। 14 अक्टूबर को रेम्हला निवासी जुगेश्वर पिता शंकर पावले 25 वर्ष इसी तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शव को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया। यहां शव को गांव तक ले जाने के लिए सरकारी शव वाहन नहीं मिला। स्वजन घंटों अस्पताल परिसर में इंतजार करते रहे, बाद में ट्रेक्टर में शव ले गए। इधर पुलिस ने करंट लगाने वाले खेत मालिक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

जीवनदीप समिति के भरोसे व्यवस्था

जीवनदीप समिति के वाहन चालक महमूद खान ने बड़ा आरोप लगाया। उसने कहा कि शासन द्वारा नियुक्त नियमित वाहन चालक ड्यूटी से नदारद रहते हैं, अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते। इसका खामियाजा परिजनों को भुगतना पड़ता है। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाने और फिर घर तक पहुंचाने का काम मजबूरी में जीवनदीप समिति के कर्मचारियों को करना पड़ता है।नपं अध्यक्ष को हाजिरी रजिस्टर खाली मिलाशव वाहन नहीं मिलने की सूचना जब नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री दिनेश साहू को मिली तो वे तत्काल अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। नियमित चालक की अनुपस्थिति और वाहन चालकों की कमी पर कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर हाजिरी रजिस्टर चेक किया तो कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी नहीं मिले।

बीएमओ को दिए कार्रवाई के निर्देश

अध्यक्ष ने बीएमओ डॉ. ओम प्रकाश प्रसाद को निर्देशित किया कि अनुपस्थित और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जीवनदीप समिति के माध्यम से तत्काल वैकल्पिक चालक की व्यवस्था की जाए। निरीक्षण के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने भी रात के समय अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और चौकीदार के नहीं होने पर सवाल उठाए। इस पर बीएमओ ने कहा कि स्टाफ की कमी है, कर्मचारियों को कई तरह के काम करने पड़ते हैं और चौकीदार का पद ही स्वीकृत नहीं है। इससे उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराने की बात कही।

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