बांकी नहर की भूमि पर कब्जा, 200 आलीशान इमारतों पर लटकी तलवारतीन दिन से जारी है सिंचाई विभाग का मेगा एक्शन, 60 पर बुलडोजर चलने से मचा हड़कंप

अंबिकापुर। शहर के पॉश इलाके में दरिमा मोड़ से होकर गुजरी बांकी माइनर नहर की सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं और रसूखदारों ने कब्जे का ऐसा जाल बिछाया कि देखते ही देखते 200 से ज्यादा पक्की बिल्डिंगें खड़ी हो गईं। सालों तक सिंचाई विभाग सोता रहा और कब्जाधारी बेशकीमती जमीन पर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करते रहे। अब विभाग की नींद टूटी है और 13 अक्टूबर से बुलडोजर एक्शन शुरू है। तीसरे दिन तक करीब 60 अतिक्रमण जमींदोज किए जा चुके हैं। लोगों में आक्रोश और विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है। इनमें ऐसे भी लोग हैं, जो अपने पास बकायदा भूमि का वैध पट्टा होने का दावा कर रहे हंै।विभाग ने नहर के सेंटर प्वाइंट से दोनों ओर 10-10 मीटर के दायरे को अतिक्रमण मुक्त करने का टारगेट तय किया है। टीम ने नाप-जोख कर चिन्हांकन किया और फिर बुलडोजर चलवा दिया। कार्रवाई के दौरान कई जगह विरोध और बवाल की स्थिति भी बनी, लेकिन भारी पुलिस बल और विभागीय अमले के दम पर अतिक्रमण हटाने में टीम कामयाब रही। सिंचाई विभाग के एसडीओ का कहना है कि माइनर नहर की जमीन पर कब्जा कर लोगों ने बड़े-बड़े मकान और व्यवसायिक भवन बना लिए हैं। यह जमीन सिंचाई विभाग की है, जिस पर किसी भी तरह का निर्माण प्रतिबंधित है। लंबे समय से इसकी अनदेखी की गई, जिसके कारण अतिक्रमण बढ़ता गया। अब शासन के निर्देश पर पूरी नहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मुहिम चल रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय रिकॉर्ड में करीब 200 निर्माण चिन्हित किए गए हैं। सभी को नोटिस देने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं हो रहा है, सिर्फ सेंटर प्वाइंट से 10-10 मीटर के भीतर आने वाले निर्माण ही हटाए जा रहे हैं। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

तीन मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

अतिक्रमण हटाने के दौरान श्रीगढ़ क्षेत्र में एक तीन मंजिला आलीशान बिल्डिंग पर भी बुलडोजर चला। बिल्डिंग के अगले हिस्से को तोड़ दिया गया। बिल्डिंग मालिक तुलसी अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने साढ़े 12 डिसमिल जमीन की विधिवत रजिस्ट्री कराई है। सारे दस्तावेज होने के बावजूद राजस्व अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा मुझे सरकारी जमीन का एक इंच भी नहीं चाहिए, लेकिन मेरी निजी जमीन तो छोड़ दी जाए। बुलडोजर से भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह दद्दू विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी बिल्डिंग भी ढहा दी गई, जिससे उन्हें एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। अतिक्रमणकारियों का आरोप है कि नाप-जोख में गड़बड़ी की जा रही है।

विभाग ने कहा-नाप के बाद कार्रवाई

विभाग का कहना है कि पूरी कार्रवाई राजस्व नक्शे और नहर के मूल एलाइनमेंट के आधार पर हो रही है। 60 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं और बाकी बचे 140 पर भी जल्द बुलडोजर चलेगा। इस कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मचा है। जो लोग नहर किनारे मकान बनाने की तैयारी में थे, अब सहमे हुए हैं।

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