आकाशवाणी रोड में गुरूवार की रात सांसें रोक देने वाला मंजर देखकर सहमे लोग

दो मंजिला भवन में जिंदगी-मौत का नजारा देख एक युवक ने दिखाई हिम्मत और मौत के मुंह से निकाला छात्रा को

अंबिकापुर। शहर के नावापारा आकाशवाणी रोड स्थित उर्सुलाइन स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल की छत पर गुरूवार की रात कक्षा 12वीं की एक छात्रा मौत को चुनौती देती नजर आई। दो मंजिला इमारत की संकरी मुंडेर पर वह लगातार टहल रही थी, कभी किनारे पर पैर लटका रही थी तो कभी कूदने की बात कहकर नीचे खड़ी भीड़ और शिक्षिकाओं को दहला रही थी। यह नजारा देखकर सैकड़ों लोगों के दिलों की धड़कन बढ़ गई।जानकारी के मुताबिक छात्रा जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र की रहने वाली है और यहीं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है। गुरूवार को रात करीब 8 बजे अचानक वह सीढ़ियों से छत पर पहुंच गई। वार्डन और शिक्षिकाओं ने नीचे से आवाज लगाई, हाथ जोड़कर मिन्नतें कीं, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। इसके बाद देखते ही देखते मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। सैकड़ों लोग मोबाइल में वीडियो बनाते और टॉर्च जलाकर उससे नीचे उतरने की मिन्नत करते रहे।

सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ऊंचाई और छात्रा की अस्थिर मन:स्थिति के कारण सीधा हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता था। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा भी मौके पर पहुंचे। स्वजन से संपर्क का प्रयास किया गया, पर फोन नहीं लगा, जिससे प्रबंधन की चिंता और बढ़ गई।इसी बीच भीड़ में खड़े एक युवक ने जो किया, वह मिसाल बन गया। वह बिना शोर मचाए पीछे के हिस्से से पानी के पाइप के सहारे ऊपर चढ़ा। छात्रा का ध्यान सामने भीड़ पर था, इसका फायदा उठाकर युवक पीछे से उसे जकड़ लिया और मुंडेर से अंदर खींच लिया। नीचे खड़ी भीड़ ने तालियों और राहत की सांस के साथ इस साहस को सलाम किया। बाद में अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रा से बातचीत हुई। उसने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा क्यों किया? बताया जा रहा है कि हाल ही में तिमाही परीक्षा समाप्त हुई है और शुक्रवार को उसका रिजल्ट आने वाला था।

छात्रा की कराई जा रही काउंसलिंग

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने बताया कि छात्रा की काउंसलिंग कराई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वह परीक्षा में पास है, लेकिन अपेक्षा से कम अंक आने की आशंका से वह अंदर ही अंदर घुट रही थी। महिला काउंसलर शिल्पा पांडेय लगातार उससे संवाद कर रही हैं। विभाग का कहना है कि किशोरवय में उपजा क्षणिक तनाव भी कभी-कभी बड़ा रूप ले लेता है, इसलिए स्कूलों में मेंटल हेल्थ सत्रों को और मजबूत किया जाएगा। छात्रा अब पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य है।

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