मां कुदरगढ़ी फैक्ट्री में हेल्परी करने वाला फंदे पर झूला, बिहार से पहुंचे स्वजन सदमे में

गमछे का एक हिस्सा गले में और दूसरा छोर लोहे के पाइप में बंधा था

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के रघुनाथपुर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम सिलसिला स्थित मां कुदरगढ़ी एल्युमिना प्लांट के लेबर कॉलोनी में रहने वाला मजदूर युवक संदेहास्पद स्थिति में 21 अक्टूबर को फांसी पर झूल गया। फैक्ट्री के सुपरवाइजर ने अन्य लोगों के सहयोग से युवक को फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी।

पुलिस को दिए बयान में प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर काम करने वाले लिजो साईमन पिता साईमन पी. वर्गीश (37 वर्ष) निवासी केरल, हाल मुकाम मां कुदरगढ़ी प्लांट सिलसिला ने बताया है कि अभिमन्नू कुमार पिता संपत साह 22 वर्ष, ग्राम भेखपूरवां थाना पंचरूखी जिला सीवान बिहार का रहने वाला था, जो कंपनी के अधीन हेल्पर का काम करता था। 21 अक्टूबर को वह सुबह 8 बजे से करीब 1 बजे तक काम पर था। दोपहर बाद उसने अपने साथी से तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहकर काम पर नहीं आने की बात कही। शाम करीब 5 बजे प्लांट में काम करने वाले राहुल कुमार ने आकर बताया कि अभिमन्नू अपने रूम में नीचे गिरा हुआ है और दरवाजा अंदर से बंद है, आवाज देने पर जवाब नहीं दे रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर वे अन्य लेबरों के साथ कॉलोनी के रूम नंबर डब्ल्यू 18 में पहुंचे। रूम खोलने पर अभिमन्नू नीचे गिरा नजर आया, उसके गले में गमछा बंधा थी और गमछी का दूसरा हिस्सा लोहे के पाइप से बंधा था। इसकी सूचना कंपनी और पुलिस चौकी रघुनाथपुर को दी गई। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता को घटना की जानकारी दी गई, इसके बाद 23 अक्टूबर को वे अंबिकापुर पहुंचे। इनकी मौजूदगी में पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई करते हुए मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है। स्थानीय पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।

दो दिन पहले मोबाइल पर हुई थी बात

बिहार से पहुंचे मृतक के पिता संपत साह ने बताया कि उनका लड़का अभिमन्नू मां कुदरगढ़ी एल्युमिना प्लांट में करीब तीन वर्ष से हेल्पर का काम कर रहा था। 21 अक्टूबर को सुपरवाइजर लिजो साईमन ने उनके बड़े भाई कस्तूरी लाल साह को फोन करके बताया कि उनका भतीजा कंपनी के लेबर रूम में फांसी लगा लिया है और उसकी मृत्यु हो गई है। शव जिला अस्पताल अंबिकापुर के मर्च्युरी में रखा है। सूचना पर वे अंबिकापुर पहुंचे और मर्च्युरी में रखे शव को देखे। संपत साह ने बताया कि घटना दिनांक के दो दिन पहले ही पुत्र से मोबाइल फोन पर बात हुई थी। घर का वह इकलौता कमाऊ सदस्य था। हाल में ही वह घर के खर्च के लिए दो हजार रुपये भेजा था। उन्होंने बताया बातचीत के दौरान उन्होंने अपने बेटे को छठ में घर आने के लिए कहा था। इस दौरान हुई बातचीत में उन्हें तनिक भी आभास नहीं हुआ कि वह कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है।

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