किशोरी को भगाकर पश्चिम बंगाल ले जाने वाले आरोपी को पुलिस ने 9 महीने बाद दबोचा

पुलिस टीम ने गर्भवती किशोरी को बरामद किया, साइबर सेल की रही अहम भूमिका

अंबिकापुर। शहर की एक नाबालिग लड़की के साथ प्यार के नाम पर धोखा और दरिंदगी का मामला सामने आया है। थाना गांधीनगर पुलिस ने मामले में 9 महीने से फरार आरोपी को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, बीते 16 फरवरी को नाबालिग लड़की सुबह घर से बिना बताए कहीं चली गई। शाम तक जब वह नहीं लौटी तो स्वजन ने रिश्तेदारों के यहां और आसपास तलाश किया। नहीं मिलने पर गांधीनगर थाने में किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की सूचना दी गई थी, जिस पर पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था। कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा, प्रशिक्षु एसआई भारतीय माकंडेय, एएसआई वीरेंद्र कुजूर, धनंजय पाठक, आरक्षक आनंद केरकेट्टा, अमीर सिंह, केवल साहू की अहम भूमिका रही।

लोकेशन ट्रेस करने पर निकला बंगाल कनेक्शन

नाबालिग लड़की के तलाश में लगी पुलिस को महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामला साइबर सेल को दिया गया। साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल टॉवर लोकेशन और सोशल मीडिया के जरिए आरोपी का पता लगाया। इसके बाद लोकेशन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के शिमूलदंगा गांव में मिला। एसएसपी राजेश अग्रवाल ने तुरंत एक विशेष टीम को बंगाल रवाना किया। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से शक्तिपुर थाना क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी सुजाय मंडल पिता उत्तम मंडल 25 वर्ष के घर से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।आरोपी की पहचान सुजाय मंडल के रूप में हुई है।

ट्रांजिट रिमांड पर लाए आरोपी को अंबिकापुर

थाने लाकर पीड़िता से महिला अधिकारी की मौजूदगी में पूछताछ की गई तो सामने आया कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर बहलाया, अंबिकापुर से भगाकर बंगाल ले गया, वहां अपने घर में रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में धारा 87, 65(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़कर आरोपी से पूछताछ की तो वह अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार करके ट्रांजिट रिमांड पर अंबिकापुर लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

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