कर्मकट्ठरा जंगल में 26 हाथियों का अखाड़ा, दंतैल की चिंघाड़ से थर्रा रहा इलाका

चार दिन से कर रहे धान की फसलों का सफाया

उदयपुर। सरगुजा वन परिक्षेत्र में एक बार फिर हाथियों के दल ने डेरा डाल दिया है। वन परिक्षेत्र उदयपुर के कर्मकट्ठरा जंगल में 26 हाथियों के दल ने अखाड़ा जमा लिया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हाथियों की जोरदार चिंघाड़ और आपस में कुश्ती से पूरा जंगल थर्रा उठा है। जंगल में जगह-जगह जमीन पर अखाड़े जैसे निशान बन गए हैं।ग्रामीणों के मुताबिक इस दल में एक विशालकाय दंतैल हाथी है, जो सभी हाथियों की निगरानी करता है। दिन में पूरा दल पूरे जंगल में घूमता है और रात होते ही खेतों की ओर रुख कर लेता है। यह दंतैल इतना आक्रामक है कि गाड़ियों को देखकर भी नहीं डरता, बल्कि प्रहार करने जैसा व्यवहार करता है। इस वजह से निगरानी करने वाली वन विभाग की टीम भी नजदीक जाने से डर रही है।*जंगल की ओर आवाजाही बंद*हाथियों के आतंक के कारण वन परिक्षेत्र उदयपुर में जंगल की कटाई का काम पूरी तरह रुक गया है। पूरे जंगल में हाथियों की दहशत से लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। दिन और रात में हाथियों के जोर से चिंघाड़ने से ग्रामीण सहमे हुए हैं।*

मोहनपुर-महेशपुर में चार दिन से फसलों की बर्बादी

पिछले चार दिनों से यह दल मोहनपुर और महेशपुर के खेतों में घुसकर धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों ने बताया कि कल रातभर में ही कई एकड़ धान की तैयार फसल को हाथियों ने रौंद डाला और खा गए। वीडियो में भी साफ देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में 5-6 हाथी धान के खेत में खड़े होकर फसल खा रहे हैं।

वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से अपील

फिलहाल 26 हाथियों का यह दल कर्मकट्ठरा जंगल में ही जमावड़ा लगाए हुए है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी है। विभाग ने मोहनपुर, महेशपुर और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने, रात में खेतों में न जाने और हाथियों को परेशान न करने की अपील की है। किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि धान की फसल कटाई के कगार पर है और हाथियों का दल अगर यहीं रुका रहा तो बड़े पैमाने पर नुकसान तय है।

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