मुख्यमंत्री ने बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी पर किया आदमकद प्रतिमा का अनावरण

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम अब अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी होगा

अंबिकापुर। बंगाल की खाड़ी में बने अर्नब चक्रवात के कारण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सरगुजा दौरा स्थगित हो गया, लेकिन बाबा कार्तिक उरांव जन्मशताब्दी समारोह का उत्साह कम नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को रायपुर स्थित सिविल लाइन मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल माध्यम से अंबिकापुर में आयोजित समारोह में शामिल होकर जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता एवं पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इसके पहले शहर में बरसते पानी में महारैली निकली, जिसमें परंपरागत वेशभूषा में लोग शामिल हुए। सांसद सरगुजा चिंतामणि महराज सहित कई जनप्रतिनिधि भी इस मौके पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए 3 बड़ी घोषणाएं की। सबसे बड़ी घोषणा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय डिगमा का नाम बदलकर अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर करने की है। साथ ही सीतापुर में सोनतराई से सूर तक 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का भूमिपूजन किया, जिस पर 28 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। इसके अलावा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित महिला एनजीओ मेस, उदयपुर में 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास, 12 प्रधान आरक्षक-आरक्षक आवास और थाना सीतापुर में 12 आवासीय भवनों का लोकार्पण किया।

बाबा कार्तिक उरांव का जीवन स्वाभिमान और उत्थान के लिए समर्पित रहा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव केवल जनजातीय समाज के नेता नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक, उच्च शिक्षित अभियंता और समाज के अधिकारों के सजग प्रहरी थे। उन्होंने उस समय इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की और विदेश में भी उच्च अध्ययन किया, जब जनजातीय समाज के लिए शिक्षा के अवसर अत्यंत सीमित थे। उनकी यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा को केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज में परिवर्तन लाने का सबसे सशक्त साधन बनाया। उनका विश्वास था कि शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने समाज को अपनी परंपराओं, संस्कृति और मूल पहचान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।सांसद के रूप में उन्होंने लोकसभा में जनजातीय समाज की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। धर्मांतरण के बाद जनजातीय आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक सुविधाओं के लाभ से जुड़े विषयों को भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया था। उनका मानना था कि जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराएं और रीति-रिवाज ही उसकी मूल पहचान हैं, इनका संरक्षण करते हुए शिक्षा और तकनीक से जोड़ना आवश्यक है।

इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष पूर्व इस प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया गया था और आज यह संकल्प साकार हो रहा है। इसके लिए महापौर मंजूषा भगत, जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव स्वयं प्रतिभाशाली अभियंता थे, इसलिए उनके नाम पर इंजीनियरिंग संस्थान का नामकरण विशेष महत्व रखता है। यह संस्थान न केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उनके संघर्ष और समर्पण से प्रेरणा भी मिलेगी।उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय महापुरुषों की गौरवशाली विरासत को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एक दिन पूर्व ही पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय काका लरंग साय की प्रतिमा का उनके गृहग्राम चिरई-जसवंतपुर में अनावरण किया गया था। ऐसे प्रयास समाज में अपनी विरासत के प्रति सम्मान और आत्मगौरव को मजबूत करते हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता से बस्तर में शांति का नया युग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बस्तर के जनजातीय भाई-बहनों को चार दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती झेलनी पड़ी, जहां सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा जैसी सुविधाएं पहुंचाना कठिन था। अब उन क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें।

छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत यहां के लोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन सबसे बड़ी ताकत यहां के सरल, मेहनती और प्रतिभाशाली लोग हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल कहावत नहीं, बल्कि यहां के लोगों के स्वभाव की अभिव्यक्ति है। विकसित भारत 2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज ने भी बाबा कार्तिक उरांव के योगदान को याद किया। सांसद महाराज ने इंजीनियरिंग कॉलेज के नामकरण और फोरलेन की सौगात के लिए सीएम का आभार जताया।

कलाकेंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, महापौर मंजूषा भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर अजीत वसंत, एसएसपी राजेश अग्रवाल, उरांव समाज अध्यक्ष आजाद भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद रहे।

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